सत्यवानुवाच
शिरोरुजा निवृत्ता मे स्वस्थान्यङ्गानि लक्षये।
मातापितृभ्यामिच्छामि संगमं त्वत्प्रसादजम्॥ ८२॥
अनुवाद
सत्यवान बोला - प्रिये! मेरे सिर का दर्द दूर हो गया है। मेरे शरीर के सभी अंग स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं। अब आपके आशीर्वाद से मैं अपने माता-पिता से मिलना चाहता हूँ। 82.
Satyavan said - Dear! My head pain has gone away. All my body parts look healthy to me. Now with your blessings I want to meet my parents. 82.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥