श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  3.297.72 
तद् यदि त्वं विजानासि किं तद् ब्रूहि सुमध्यमे।
स्वप्नो मे यदि वा दृष्टो यदि वा सत्यमेव तत्॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
सुमध्यमे! यदि तुम जानते हो, तो बताओ; वह सब क्या था? क्या मैंने जो कुछ देखा वह स्वप्न था? अथवा वह सब सत्य था?॥ 72॥
 
Sumadhyame! If you know, then tell me; what was all that? Was all that I saw a dream? Or was it all true?'॥ 72॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)