श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 297: सावित्री और यमका संवाद, यमराजका संतुष्ट होकर सावित्रीको अनेक वरदान देते हुए मरे हुए सत्यवान‍्को भी जीवित कर देना तथा सत्यवान‍् और सावित्रीका वार्तालाप एवं आश्रमकी ओर प्रस्थान  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  3.297.58 
त्वयि पुत्रशतं चैव सत्यवान‍् जनयिष्यति।
ते चापि सर्वे राजान: क्षत्रिया: पुत्रपौत्रिण:॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
‘सत्यवान तुम्हारे गर्भ से सौ पुत्रों को जन्म देगा और वे सब राजा बनेंगे तथा पुत्र-पौत्रों से युक्त होंगे ॥58॥
 
‘Satyavan will give birth to a hundred sons from your womb and all of them will become kings and will be blessed with sons and grandsons. 58॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)