न कामये भर्तृविनाकृता सुखं
न कामये भर्तृविनाकृता दिवम्।
न कामये भर्तृविनाकृता श्रियं
न भर्तृहीना व्यवसामि जीवितुम्॥ ५३॥
अनुवाद
यदि पति के बिना कोई सुख मिलना है, तो मैं उसे नहीं चाहती। पति के बिना मैं स्वर्ग जाने की भी इच्छा नहीं रखती। पति के बिना मैं धन-संपत्ति की भी इच्छा नहीं रखती। और तो और क्या कहूँ, पति के बिना मैं जीना भी नहीं चाहती। ॥53॥
If there is any happiness to be had without my husband, I do not want it. Without my husband I do not even wish to go to heaven. Without my husband I do not even wish to have wealth. What more can I say, I do not even wish to live without my husband. ॥ 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥