Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.294.29: नारदजी बोले - हे पुरुषश्रेष्ठ! आपकी पुत्री सावित्री की बुद्धि स्थिर है। उसे किसी भी प्रकार से धर्म के इस मार्ग से विचलित नहीं किया जा सकता।   |   mahabharat अध्याय 3.294: सावित्रीका सत्यवान‍्के साथ विवाह करनेका दृढ़ निश्चय   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 294: सावित्रीका सत्यवान‍्के साथ विवाह करनेका दृढ़ निश्चय  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  3.294.29 
नारद उवाच
स्थिरा बुद्धिर्नरश्रेष्ठ सावित्र्या दुहितुस्तव।
नैषा वारयितुं शक्या धर्मादस्मात् कथंचन॥ २९॥
 
 
अनुवाद
नारदजी बोले - हे पुरुषश्रेष्ठ! आपकी पुत्री सावित्री की बुद्धि स्थिर है। उसे किसी भी प्रकार से धर्म के इस मार्ग से विचलित नहीं किया जा सकता।
 
Naradji said - O best of men! Your daughter Savitri's intellect is stable. She cannot be diverted from this path of righteousness in any way.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)