vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 294: सावित्रीका सत्यवान्के साथ विवाह करनेका दृढ़ निश्चय
»
श्लोक 2
श्लोक
3.294.2
ततोऽभिगम्य तीर्थानि सर्वाण्येवाश्रमांस्तथा।
आजगाम पितुर्वेश्म सावित्री सह मन्त्रिभि:॥ २॥
अनुवाद
उसी समय सावित्री सभी तीर्थों और आश्रमों का भ्रमण करके मंत्रियों के साथ अपने पिता के घर पहुंची।
At that very time Savitri, after visiting all the holy places and ashrams, arrived at her father's home accompanied by the ministers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×