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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 294: सावित्रीका सत्यवान्के साथ विवाह करनेका दृढ़ निश्चय
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श्लोक 19
श्लोक
3.294.19
स दान्त: स मृदु: शूर: स सत्य: संयतेन्द्रिय:।
स मैत्र: सोऽनसूयश्च स ह्रीमान् द्युतिमांश्च स:॥ १९॥
अनुवाद
वह बुद्धिमान, सौम्य, वीर, सत्यनिष्ठ, संयमी, सबके प्रति मैत्रीभाव रखनेवाला, दोषरहित, लज्जाशील और तेजस्वी है ॥19॥
He is intelligent, mild, brave, true, self-controlled, friendly towards everyone, flawless, shy and radiant. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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