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श्लोक 3.291.65  |
तस्मै तद् भरतो राज्यमागतायातिसत्कृतम्।
न्यासं निर्यातयामास युक्त: परमया मुदा॥ ६५॥ |
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| अनुवाद |
| तब भरत ने बड़ी प्रसन्नतापूर्वक अयोध्या का राज्य भगवान् राम को लौटा दिया, जिसे उन्होंने बड़े आदर के साथ अपने पास रख लिया था॥65॥ |
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| Then Bharata very happily returned the kingdom of Ayodhya to Lord Rama who had been kept as a trust by him, with great respect. ॥ 65॥ |
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