श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 291: श्रीरामका सीताके प्रति संदेह, देवताओंद्वारा सीताकी शुद्धिका समर्थन, श्रीरामका दल-बलसहित लंकासे प्रस्थान एवं किष्किन्धा होते हुए अयोध्यामें पहुँचकर भरतसे मिलना तथा राज्यपर अभिषिक्त होना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.291.6 
तत: सीतां पुरस्कृत्य विभीषणपुरस्कृताम्।
अविन्ध्यो नाम सुप्रज्ञो वृद्धामात्यो विनिर्ययौ॥ ६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात बुद्धिमान वृद्ध मंत्री अविन्द्य ने विभीषण के साथ मिलकर देवी सीता को लंका से बाहर निकाला।
 
Thereafter the wise old minister Avindya along with Vibhishan led Goddess Sita out of Lanka.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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