vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 291: श्रीरामका सीताके प्रति संदेह, देवताओंद्वारा सीताकी शुद्धिका समर्थन, श्रीरामका दल-बलसहित लंकासे प्रस्थान एवं किष्किन्धा होते हुए अयोध्यामें पहुँचकर भरतसे मिलना तथा राज्यपर अभिषिक्त होना
»
श्लोक 59-60h
श्लोक
3.291.59-60h
ततस्तैरेव सहितो राम: सौमित्रिणा सह॥ ५९॥
यथागतेन मार्गेण प्रययौ स्वपुरं प्रति।
अनुवाद
तत्पश्चात् श्रीराम, लक्ष्मण और सुग्रीव के साथ उसी मार्ग से अपनी राजधानी अयोध्या की ओर चल पड़े, जिस मार्ग से वे आये थे।
Thereafter, Sri Rama, accompanied by Lakshmana and Sugreeva, proceeded towards his capital, Ayodhya, by the same route by which he had come.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd