श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 291: श्रीरामका सीताके प्रति संदेह, देवताओंद्वारा सीताकी शुद्धिका समर्थन, श्रीरामका दल-बलसहित लंकासे प्रस्थान एवं किष्किन्धा होते हुए अयोध्यामें पहुँचकर भरतसे मिलना तथा राज्यपर अभिषिक्त होना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.291.19 
राजा दशरथश्चैव दिव्यभास्वरमूर्तिमान्।
विमानेन महार्हेण हंसयुक्तेन भास्वता॥ १९॥
 
 
अनुवाद
इनके अतिरिक्त राजा दशरथ भी हंसों सहित एक भव्य विमान पर सवार होकर वहाँ आये।
 
Besides these, King Dasharatha himself arrived there in a precious illustrious form in a splendid aircraft accompanied by swans.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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