श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 291: श्रीरामका सीताके प्रति संदेह, देवताओंद्वारा सीताकी शुद्धिका समर्थन, श्रीरामका दल-बलसहित लंकासे प्रस्थान एवं किष्किन्धा होते हुए अयोध्यामें पहुँचकर भरतसे मिलना तथा राज्यपर अभिषिक्त होना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.291.16 
ततस्ते हरय: सर्वे तच्छ्रुत्वा रामभाषितम्।
गतासुकल्पा निश्चेष्टा बभूवु: सहलक्ष्मणा:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
श्री रामजी के ये वचन सुनकर सब वानर और लक्ष्मण मृतवत हो गए॥16॥
 
On hearing these words of Sri Rama, all the monkeys and Lakshmana became motionless as if they were dead. ॥16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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