Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.29.19: क्रोधी मनुष्य निर्दोष मनुष्यों की हत्या कर देता है। क्रोधी मनुष्य अपने बड़ों को कठोर वचनों से दुःख पहुँचाता है। इसलिए तीक्ष्ण बुद्धि वाले मनुष्य को क्रोध को अपने से दूर रखना चाहिए॥19॥ | mahabharat अध्याय 3.29: युधिष्ठिरके द्वारा क्रोधकी निन्दा और क्षमाभावकी विशेष प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्रोधी मनुष्य निर्दोष मनुष्यों की हत्या कर देता है। क्रोधी मनुष्य अपने बड़ों को कठोर वचनों से दुःख पहुँचाता है। इसलिए तीक्ष्ण बुद्धि वाले मनुष्य को क्रोध को अपने से दूर रखना चाहिए॥19॥
An angry man kills innocent men. An angry man hurts his elders with harsh words. Therefore, a person who is sharp should keep anger away from himself.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥