श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 286: प्रहस्त और धूम्राक्षके वधसे दु:खी हुए रावणका कुम्भकर्णको जगाना और उसे युद्धमें भेजना  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  3.286.27-28h 
दूषणावरजौ चैव वज्रवेगप्रमाथिनौ॥ २७॥
तौ त्वां बलेन महता सहितावनुयास्यत:।
 
 
अनुवाद
दूषणके छोटे भाई वज्रवेग और प्रमाथी अपनी विशाल सेनाके साथ तुम्हारा पीछा करेंगे।॥27 1/2॥
 
‘Dushana's younger brothers Vajravega and Pramathi will follow you with their huge army.'॥ 27 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)