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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 281: रावण और सीताका संवाद
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श्लोक 11
श्लोक
3.281.11
चतुर्दश पिशाचानां कोटॺो मे वचने स्थिता:।
द्विस्तावत् पुरुषादानां रक्षसां भीमकर्मणाम्॥ ११॥
अनुवाद
चौदह करोड़ पिशाच मेरे अधीन हैं। उनसे दुगुने नरभक्षी राक्षस मेरे सेवक हैं, जो अत्यन्त भयंकर कर्म करते हैं।॥11॥
‘Fourteen crore vampires are under my command. Twice as many cannibalistic demons are my servants, who perform extremely horrific deeds.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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