vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 279: रावणद्वारा जटायुका वध, श्रीरामद्वारा उसका अन्त्येष्टि-संस्कार, कबन्धका वध तथा उसके दिव्य स्वरूपसे वार्तालाप
»
श्लोक 19
श्लोक
3.279.19
राक्षसं शङ्कमानस्तं विकृष्य बलवद् धनु:।
अभ्यधावत काकुत्स्थस्ततस्तं सहलक्ष्मण:॥ १९॥
अनुवाद
उन्हें राक्षस समझकर श्री राम ने लक्ष्मण के साथ अपना शक्तिशाली धनुष खींचा और उन पर आक्रमण कर दिया।
Thinking them to be demons, Sri Rama along with Lakshmana drew his powerful bow and attacked them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×