Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.278.42: उसी समय रावण दौड़कर आया और उसका रास्ता रोककर कठोर स्वर में उसे डराने-धमकाने लगा। इससे वह भय के मारे मूर्छित हो गई ॥ 42॥   |   mahabharat अध्याय 3.278: मृगरूपधारी मारीचका वध तथा सीताका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 278: मृगरूपधारी मारीचका वध तथा सीताका अपहरण  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  3.278.42 
तामभिद्रुत्य सुश्रोणीं रावण: प्रत्यषेधयत्।
भर्त्सयित्वा तु रूक्षेण स्वरेण गतचेतनाम्॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
उसी समय रावण दौड़कर आया और उसका रास्ता रोककर कठोर स्वर में उसे डराने-धमकाने लगा। इससे वह भय के मारे मूर्छित हो गई ॥ 42॥
 
At this moment Ravana ran and blocked her way and began to threaten and intimidate her in a harsh tone. Due to this she fainted out of fear. ॥ 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)