Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.278.40: जिस स्त्री ने फूलों के रस और मधुमक्खियों के शहद से बने मधुर पेय को पी लिया हो, वह कांजी के रस की लालसा कैसे कर सकती है?॥40॥   |   mahabharat अध्याय 3.278: मृगरूपधारी मारीचका वध तथा सीताका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 278: मृगरूपधारी मारीचका वध तथा सीताका अपहरण  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  3.278.40 
कथं हि पीत्वा माध्वीकं पीत्वा च मधुमाधवीम्।
लोभं सौवीरके कुर्यान्नारी काचिदिति स्मरेत्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
जिस स्त्री ने फूलों के रस और मधुमक्खियों के शहद से बने मधुर पेय को पी लिया हो, वह कांजी के रस की लालसा कैसे कर सकती है?॥40॥
 
How can a woman who has drunk the sweet beverage made from the nectar of flowers and the honey prepared by honeybees, crave the juice of kanji?'॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)