Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.278.4: हे दैत्यराज! ऐसा कौन-सा कार्य है जिसके लिए आप यहाँ आये हैं? यदि वह मेरे द्वारा पूर्ण हो सके, तो चाहे वह कितना ही कठिन क्यों न हो, उसे पूर्ण ही समझिए।॥4॥   |   mahabharat अध्याय 3.278: मृगरूपधारी मारीचका वध तथा सीताका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 278: मृगरूपधारी मारीचका वध तथा सीताका अपहरण  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.278.4 
किमिहागमने चापि कार्यं ते राक्षसेश्वर।
कृतमित्येव तद् विद्धि यद्यपि स्यात् सुदुष्करम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे दैत्यराज! ऐसा कौन-सा कार्य है जिसके लिए आप यहाँ आये हैं? यदि वह मेरे द्वारा पूर्ण हो सके, तो चाहे वह कितना ही कठिन क्यों न हो, उसे पूर्ण ही समझिए।॥4॥
 
O King of Demons! What is the task that has come up for you to come here? If it can be accomplished by me, no matter how difficult it is, consider it accomplished.'॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)