Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.278.19-20h: वह धनुष-बाण लेकर, पीठ पर तरकश लटकाकर, कमर में तलवार लटकाकर और हाथों में दस्ताने पहनकर मृग के पीछे ऐसे दौड़ा जैसे भगवान रुद्र मृगशिरा नक्षत्र के पीछे दौड़े थे॥19 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.278: मृगरूपधारी मारीचका वध तथा सीताका अपहरण । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स धन्वी बद्धतुणीर: खड्गगोधाङ्गुलित्रवान्॥ १९॥
अन्वधावन्मृगं रामो रुद्रस्तारामृगं यथा।
अनुवाद
वह धनुष-बाण लेकर, पीठ पर तरकश लटकाकर, कमर में तलवार लटकाकर और हाथों में दस्ताने पहनकर मृग के पीछे ऐसे दौड़ा जैसे भगवान रुद्र मृगशिरा नक्षत्र के पीछे दौड़े थे॥19 1/2॥
Taking up his bow and arrow, with a quiver on his back, a sword hanging from his waist and gloves on his hands, he ran after the deer just as Lord Rudra had run after the Mrigasira constellation.॥ 19 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥