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mahabharat 3.278.19-20h: वह धनुष-बाण लेकर, पीठ पर तरकश लटकाकर, कमर में तलवार लटकाकर और हाथों में दस्ताने पहनकर मृग के पीछे ऐसे दौड़ा जैसे भगवान रुद्र मृगशिरा नक्षत्र के पीछे दौड़े थे॥19 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 3.278: मृगरूपधारी मारीचका वध तथा सीताका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 278: मृगरूपधारी मारीचका वध तथा सीताका अपहरण  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  3.278.19-20h 
स धन्वी बद्धतुणीर: खड्गगोधाङ्गुलित्रवान्॥ १९॥
अन्वधावन्मृगं रामो रुद्रस्तारामृगं यथा।
 
 
अनुवाद
वह धनुष-बाण लेकर, पीठ पर तरकश लटकाकर, कमर में तलवार लटकाकर और हाथों में दस्ताने पहनकर मृग के पीछे ऐसे दौड़ा जैसे भगवान रुद्र मृगशिरा नक्षत्र के पीछे दौड़े थे॥19 1/2॥
 
Taking up his bow and arrow, with a quiver on his back, a sword hanging from his waist and gloves on his hands, he ran after the deer just as Lord Rudra had run after the Mrigasira constellation.॥ 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)