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mahabharat 3.272.70: मैंने तुम्हें भगवान के वामन अवतार के बारे में बताया है। देवताओं की उत्पत्ति उन्हीं से हुई है। इस जगत को वैष्णव भी कहा जाता है क्योंकि इसकी उत्पत्ति भगवान विष्णु से हुई है। 70.   |   mahabharat अध्याय 3.272: भीमद्वारा बंदी होकर जयद्रथका युधिष्ठिरके सामने उपस्थित होना, उनकी आज्ञासे छूटकर उसका गंगाद्वारमें तप करके भगवान् शिवसे वरदान पाना तथा भगवान् शिवद्वारा अर्जुनके सहायक भगवान् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 272: भीमद्वारा बंदी होकर जयद्रथका युधिष्ठिरके सामने उपस्थित होना, उनकी आज्ञासे छूटकर उसका गंगाद्वारमें तप करके भगवान् शिवसे वरदान पाना तथा भगवान् शिवद्वारा अर्जुनके सहायक भगवान् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  3.272.70 
एष ते वामनो नाम प्रादुर्भाव: प्रकीर्तित:।
तेन देवा: प्रादुरासन् वैष्णवं चोच्यते जगत्॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
मैंने तुम्हें भगवान के वामन अवतार के बारे में बताया है। देवताओं की उत्पत्ति उन्हीं से हुई है। इस जगत को वैष्णव भी कहा जाता है क्योंकि इसकी उत्पत्ति भगवान विष्णु से हुई है। 70.
 
I have told you about the Lord's Vamana avatar. The gods originated from him. This world is also called Vaishnava because it originated from Lord Vishnu. 70.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)