Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.272.48: सिन्धुराज! क्या तुमने वेदों में पारंगत ब्रह्मर्षियों के मुख से अद्भुत कर्ता भगवान विष्णु का चरित्र नहीं सुना है? 48॥ | mahabharat अध्याय 3.272: भीमद्वारा बंदी होकर जयद्रथका युधिष्ठिरके सामने उपस्थित होना, उनकी आज्ञासे छूटकर उसका गंगाद्वारमें तप करके भगवान् शिवसे वरदान पाना तथा भगवान् शिवद्वारा अर्जुनके सहायक भगवान् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न श्रुतं ते सिन्धुपते विष्णोरद्भुतकर्मण:।
कथ्यमानानि मुनिभिर्ब्राह्मणैर्वेदपारगै:॥ ४८॥
अनुवाद
सिन्धुराज! क्या तुमने वेदों में पारंगत ब्रह्मर्षियों के मुख से अद्भुत कर्ता भगवान विष्णु का चरित्र नहीं सुना है? 48॥
Sindhuraj! Have you not heard the character of Lord Vishnu, the wonderful doer, from the mouth of the Brahmarishis who are well versed in the Vedas? 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥