Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.272.13: इसके बाद उसने उठने की कोशिश की। तभी कुंतीपुत्र वृकोदर ने उसे बाँधकर रथ पर पटक दिया। बेचारा धूल से लथपथ हो गया और बेहोश होने लगा। | mahabharat अध्याय 3.272: भीमद्वारा बंदी होकर जयद्रथका युधिष्ठिरके सामने उपस्थित होना, उनकी आज्ञासे छूटकर उसका गंगाद्वारमें तप करके भगवान् शिवसे वरदान पाना तथा भगवान् शिवद्वारा अर्जुनके सहायक भगवान् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद उसने उठने की कोशिश की। तभी कुंतीपुत्र वृकोदर ने उसे बाँधकर रथ पर पटक दिया। बेचारा धूल से लथपथ हो गया और बेहोश होने लगा।
Thereafter he tried to get up. Then Kunti's son Vrikodara tied him up and threw him on the chariot. The poor fellow was covered in dust and was becoming unconscious.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥