Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.268.26: तब धौम्य ने कहा, "जयद्रथ! क्षत्रियों के प्राचीन धर्म को तो देखो। महाबली पाण्डवों को परास्त किये बिना तुम्हें इसे लेने का कोई अधिकार नहीं है।"   |   mahabharat अध्याय 3.268: द्रौपदीका जयद्रथको फटकारना और जयद्रथद्वारा उसका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 268: द्रौपदीका जयद्रथको फटकारना और जयद्रथद्वारा उसका अपहरण  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.268.26 
धौम्य उवाच
नेयं शक्या त्वया नेतुमविजित्य महारथान्।
धर्मं क्षत्रस्य पौराणमवेक्षस्व जयद्रथ॥ २६॥
 
 
अनुवाद
तब धौम्य ने कहा, "जयद्रथ! क्षत्रियों के प्राचीन धर्म को तो देखो। महाबली पाण्डवों को परास्त किये बिना तुम्हें इसे लेने का कोई अधिकार नहीं है।"
 
Then Dhoumya said, "Jaidrath! Look at the ancient religion of the Kshatriyas. You have no right to take it without defeating the mighty warriors Pandavas."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)