Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.263.20-22h: तब भगवान कृष्ण ने द्रौपदी से कहा, "कृष्ण! मुझे इस समय बहुत भूख लगी है; मैं भूख से बहुत पीड़ित हूँ। पहले मुझे जल्दी से भोजन कराओ; फिर सारी व्यवस्था करो।" यह सुनकर द्रौपदी को बहुत लज्जा आई। वह बोली, "प्रभु! सूर्यनारायण का दिया हुआ पात्र तभी तक भोजन देता है जब तक मैं खाऊँ। देव! आज मैंने भी भोजन कर लिया है; अतः अब इसमें भोजन शेष नहीं है।" | mahabharat अध्याय 3.263: । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब भगवान कृष्ण ने द्रौपदी से कहा, "कृष्ण! मुझे इस समय बहुत भूख लगी है; मैं भूख से बहुत पीड़ित हूँ। पहले मुझे जल्दी से भोजन कराओ; फिर सारी व्यवस्था करो।" यह सुनकर द्रौपदी को बहुत लज्जा आई। वह बोली, "प्रभु! सूर्यनारायण का दिया हुआ पात्र तभी तक भोजन देता है जब तक मैं खाऊँ। देव! आज मैंने भी भोजन कर लिया है; अतः अब इसमें भोजन शेष नहीं है।"
Then Lord Krishna said to Draupadi, "Krishna! I am very hungry at this time; I am suffering a lot from hunger. First feed me quickly; then make all the arrangements." Hearing this, Draupadi felt very ashamed. She said, "Lord! The pot given by Suryanarayan gives food only till I eat. Dev! Today I have also eaten; hence there is no food left in it now."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥