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mahabharat 3.263.15: बुद्धिमान लोग आपको इस जगत् का परम बीज और समस्त सम्पत्तियों का भण्डार कहते हैं। हे प्रभु! यदि आप मेरे रक्षक हैं, तो यदि मुझ पर समस्त विपत्तियाँ भी आ पड़ें, तो भी मैं उनसे नहीं डरता।॥15॥   |   mahabharat अध्याय 3.263:   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.263.15 
त्वामेवाहु: परं बीजं निधानं सर्वसम्पदाम्।
त्वया नाथेन देवेश सर्वापद्‍भ्यो भयं न हि॥ १५॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान लोग आपको इस जगत् का परम बीज और समस्त सम्पत्तियों का भण्डार कहते हैं। हे प्रभु! यदि आप मेरे रक्षक हैं, तो यदि मुझ पर समस्त विपत्तियाँ भी आ पड़ें, तो भी मैं उनसे नहीं डरता।॥15॥
 
‘Wise men call you the ultimate seed of this world and the treasure of all wealth. O Lord! If you are my protector, then even if all calamities fall upon me, I am not afraid of them.'॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)