Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.26.14: 'जिस क्षत्रिय को ब्राह्मण का आश्रय नहीं मिलता, वह इस ऐश्वर्यशाली भूमि पर अधिक समय तक नहीं टिकता। जिस बुद्धिमान राजा को श्रेष्ठ ब्राह्मण का उपदेश प्राप्त होता है, उसके आगे समुद्र तक की पृथ्वी नतमस्तक हो जाती है।॥14॥ | mahabharat अध्याय 3.26: दल्भपुत्र बकका युधिष्ठिरको ब्राह्मणोंका महत्त्व बतलाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'जिस क्षत्रिय को ब्राह्मण का आश्रय नहीं मिलता, वह इस ऐश्वर्यशाली भूमि पर अधिक समय तक नहीं टिकता। जिस बुद्धिमान राजा को श्रेष्ठ ब्राह्मण का उपदेश प्राप्त होता है, उसके आगे समुद्र तक की पृथ्वी नतमस्तक हो जाती है।॥14॥
'A Kshatriya who does not have the support of a Brahmin does not retain this opulent land for long. The earth up to the sea bows down before a wise king who has received the advice of a great Brahmin.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥