Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.26.13: ब्राह्मण की सहायता से पृथ्वी का राज्य पाकर विरोचनपुत्र बलि नामक राक्षस का जीवन विषय-भोगों के लिए आवश्यक समस्त सामग्रियों से परिपूर्ण हो गया और उसे राज्य का अक्षय धन भी प्राप्त हो गया। किन्तु जब उसने उन ब्राह्मणों के साथ बुरा व्यवहार किया, तब उसका विनाश हो गया - वह राज्य के धन से अलग हो गया॥13॥ | mahabharat अध्याय 3.26: दल्भपुत्र बकका युधिष्ठिरको ब्राह्मणोंका महत्त्व बतलाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मण की सहायता से पृथ्वी का राज्य पाकर विरोचनपुत्र बलि नामक राक्षस का जीवन विषय-भोगों के लिए आवश्यक समस्त सामग्रियों से परिपूर्ण हो गया और उसे राज्य का अक्षय धन भी प्राप्त हो गया। किन्तु जब उसने उन ब्राह्मणों के साथ बुरा व्यवहार किया, तब उसका विनाश हो गया - वह राज्य के धन से अलग हो गया॥13॥
‘After getting the kingdom of the earth with the help of a Brahmin, the life of the demon named Bali, son of Virochana, was filled with all the material required for sexual pleasures and he also got inexhaustible wealth of the kingdom. But when he behaved badly with those Brahmins, he was destroyed – he was separated from the wealth of the kingdom*॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥