यद्येवं पाण्डवै राजन् भवद्विषयवासिभि:॥ ५॥
यदृच्छया मोक्षितोऽसि तत्र का परिदेवना।
अनुवाद
हे राजन! यदि आपके राज्य में निवास करने वाले पाण्डवों ने किसी दैवी कृत्य से आपको शत्रुओं के हाथ से मुक्त कर दिया है, तो इसमें दुःख की क्या बात है?॥5 1/2॥
O King! If the Pandavas residing in your kingdom have, by some divine act, freed you from the hands of your enemies, then what is there to be sad about?॥ 5 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥