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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 250: कर्णके समझानेपर भी दुर्योधनका आमरण अनशन करनेका ही निश्चय
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श्लोक 4-5h
श्लोक
3.250.4-5h
सेनाजीवाश्च ये राज्ञां विषये सन्ति मानवा:॥ ४॥
तै: सङ्गम्य नृपार्थाय यतितव्यं यथातथम्।
अनुवाद
जो पुरुष सेना में हैं अथवा राजा के राज्य में रहते हैं, उन सब को मिलकर अपने राजा के कल्याण के लिए यथोचित प्रयत्न करना चाहिए ॥4 1/2॥
Those men who are in the military or live in the king's kingdom must all together make appropriate efforts for the welfare of their king. ॥ 4 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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