Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.247.7-8h: रास्ते में उसे एक ऐसा स्थान मिला जहाँ घास और पानी उपलब्ध था। दुर्योधन ने अपने वाहन वहीं छोड़ दिए और अपनी इच्छानुसार एक सुंदर और रमणीय क्षेत्र में ठहर गया। उसने हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सैनिकों को भी अपने-अपने स्थान पर रहने का आदेश दिया। | mahabharat अध्याय 3.247: सेनासहित दुर्योधनका मार्गमें ठहरना और कर्णके द्वारा उसका अभिनन्दन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रास्ते में उसे एक ऐसा स्थान मिला जहाँ घास और पानी उपलब्ध था। दुर्योधन ने अपने वाहन वहीं छोड़ दिए और अपनी इच्छानुसार एक सुंदर और रमणीय क्षेत्र में ठहर गया। उसने हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सैनिकों को भी अपने-अपने स्थान पर रहने का आदेश दिया।
On the way, he found a place where there was availability of grass and water. Duryodhan left his vehicles there and stayed in a beautiful and pleasant area according to his liking. He also ordered the elephants, horses, chariots and foot soldiers to stay at their respective places. 7 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥