Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.247.16: वैशम्पायनजी कहते हैं - हे राजन! जब कर्ण ने ऐसा कहा, तब राजा दुर्योधन ने अश्रुपूर्ण शब्दों में अंगराज कर्ण से इस प्रकार कहा। | mahabharat अध्याय 3.247: सेनासहित दुर्योधनका मार्गमें ठहरना और कर्णके द्वारा उसका अभिनन्दन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - हे राजन! जब कर्ण ने ऐसा कहा, तब राजा दुर्योधन ने अश्रुपूर्ण शब्दों में अंगराज कर्ण से इस प्रकार कहा।
Vaishmpayana says: O King! When Karna said this, then King Duryodhana spoke to the King of Angas (Karna) with tearful words as follows. 16.
इति श्रीमहाभारते वर्नपर्वणि घोषयात्रापर्वणि कर्णदुर्योधनसंवादे सप्तचत्वारिंशदधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २४७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत घोषयात्रापर्वमें कर्णदुर्योधनसंवादविषयक
दो सौ सैंतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २४७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥