वैशम्पायन उवाच
ते सर्व एव राजानमभिजग्मुर्युधिष्ठिरम्।
अभिगम्य च तत् सर्वं शशंसुस्तस्य चेष्टितम्॥ १२॥
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं - हे राजन! तत्पश्चात वे सभी लोग राजा युधिष्ठिर के पास गए। वहाँ गन्धर्वों ने उन्हें दुर्योधन के सभी कुकृत्यों के बारे में बताया।
Vaishampayana says - O King! Thereafter all those people went to King Yudhishthira. There the Gandharvas told him about all the evil deeds of Duryodhan.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥