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mahabharat 3.243.d3: भीमसेन बोले- हे वीर भाई युधिष्ठिर! तुम्हें स्मरण होगा कि पहले इसी दुर्योधन ने हमें लाक्षागृह में जलाकर भस्म करने की सोची थी; किन्तु देवताओं ने हमें बचा लिया।   |   mahabharat अध्याय 3.243: युधिष्ठिरका भीमसेनको गन्धर्वोंके हाथसे कौरवोंको छुड़ानेका आदेश और इसके लिये अर्जुनकी प्रतिज्ञा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.243.d3 
भीम उवाच
पुरा जतुगृहेऽनेन दग्धुमस्मान् युधिष्ठिर।
दुर्बुद्धिर्हि कृता वीर भृशं दैवेन रक्षिता:॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन बोले- हे वीर भाई युधिष्ठिर! तुम्हें स्मरण होगा कि पहले इसी दुर्योधन ने हमें लाक्षागृह में जलाकर भस्म करने की सोची थी; किन्तु देवताओं ने हमें बचा लिया।
 
Bhimsen said- O brave brother Yudhishthira! You will remember that earlier this Duryodhan had thought of burning us to ashes in the Lakhshagriha; but the gods saved us.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)