Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.243.6: हे वीरश्रेष्ठ! शरणागतों की रक्षा के लिए तथा कुल की लाज बचाने के लिए तुम सब शीघ्र उठकर युद्ध के लिए तैयार हो जाओ, विलम्ब मत करो॥6॥   |   mahabharat अध्याय 3.243: युधिष्ठिरका भीमसेनको गन्धर्वोंके हाथसे कौरवोंको छुड़ानेका आदेश और इसके लिये अर्जुनकी प्रतिज्ञा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 243: युधिष्ठिरका भीमसेनको गन्धर्वोंके हाथसे कौरवोंको छुड़ानेका आदेश और इसके लिये अर्जुनकी प्रतिज्ञा  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.243.6 
शरणं च प्रपन्नानां त्राणार्थं च कुलस्य च।
उत्तिष्ठत नरव्याघ्रा: सज्जीभवत मा चिरम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे वीरश्रेष्ठ! शरणागतों की रक्षा के लिए तथा कुल की लाज बचाने के लिए तुम सब शीघ्र उठकर युद्ध के लिए तैयार हो जाओ, विलम्ब मत करो॥6॥
 
The best hero! To protect the refugees and to save the honor of the clan, you all get up quickly and get ready for war, do not delay. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)