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श्लोक 3.234.7  |
सम्प्रेषितायामथ चैव दास्या-
मुत्थाय सर्वं स्वयमेव कार्यम्।
जानातु कृष्णस्तव भावमेतं
सर्वात्मना मां भजतीति सत्ये॥ ७॥ |
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| अनुवाद |
| सत्ये! यदि श्यामसुन्दर किसी काम के लिए दासी को भेजें, तो तुम स्वयं उठकर वह सब काम करो; जिससे श्रीकृष्ण को तुम्हारी सेवा भावना का अनुभव हो कि सत्यभामा पूरे मन से मेरी सेवा करती है॥7॥ |
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| Satye! If Shyamsundar sends a maid for any work, then you yourself should get up and do all that work; So that Shri Krishna can experience your spirit of service that Satyabhama serves me with all her heart. 7॥ |
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