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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 233: द्रौपदीका सत्यभामाको सती स्त्रीके कर्तव्यकी शिक्षा देना
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श्लोक 42
श्लोक
3.233.42
अष्टावग्रे ब्राह्मणानां सहस्राणि स्म नित्यदा।
भुञ्जते रुक्मपात्रीषु युधिष्ठिरनिवेशने॥ ४२॥
अनुवाद
‘पहले महाराज युधिष्ठिर के महल में प्रतिदिन आठ हजार ब्राह्मण सोने की थालियों में भोजन करते थे।
‘Earlier, in the palace of Maharaja Yudhishthira, eight thousand brahmins used to eat food on golden plates every day.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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