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mahabharat 3.232.14: आप सेनापति, परम क्रोधी, प्रभु, सर्वशक्तिमान और शत्रुओं को जीतने वाले हैं। आप सहस्त्रों पृथ्वी और पृथ्वी हैं। आप सहस्त्रों प्राणियों को तृप्ति देने वाले और सहस्त्रों का भोग करने वाले हैं।॥14॥   |   mahabharat अध्याय 3.232: कार्तिकेयके प्रसिद्ध नामोंका वर्णन तथा उनका स्तवन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 232: कार्तिकेयके प्रसिद्ध नामोंका वर्णन तथा उनका स्तवन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.232.14 
त्वमेव सेनाधिपति: प्रचण्ड:
प्रभुर्विभुश्चाप्यथ शत्रुजेता।
सहस्रभूस्त्वं धरणी त्वमेव
सहस्रतुष्टिश्च सहस्रभुक् च॥ १४॥
 
 
अनुवाद
आप सेनापति, परम क्रोधी, प्रभु, सर्वशक्तिमान और शत्रुओं को जीतने वाले हैं। आप सहस्त्रों पृथ्वी और पृथ्वी हैं। आप सहस्त्रों प्राणियों को तृप्ति देने वाले और सहस्त्रों का भोग करने वाले हैं।॥14॥
 
You are the Commander in Chief, the most wrathful, the Lord, the Almighty and the conqueror of enemies. You are the thousand-earth and the Earth. You are the one who gives satisfaction to thousands of creatures and enjoys thousands.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)