श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 230: कृत्तिकाओंको नक्षत्रमण्डलमें स्थानकी प्राप्ति तथा मनुष्योंको कष्ट देनेवाले विविध ग्रहोंका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  3.230.29 
अदितिं रेवतीं प्राहुर्ग्रहस्तस्यास्तु रैवत:।
सोऽपि बालान् महाघोरो बाधते वै महाग्रह:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
अदिति देवी को लोग रेवती कहते हैं। रेवती ग्रह का नाम रैवत है। वह अत्यंत भयंकर ग्रह बच्चों को भी बहुत कष्ट देता है।
 
People call Aditi Devi as Revati. The planet of Revati is named Raivat. That extremely dreadful planet also causes great trouble to children.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)