Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.23.15: राजन! अर्जुन के ऐसा कहने पर ब्राह्मण तथा अन्य सभी जातियों के लोगों ने प्रसन्नतापूर्वक एक स्वर से उनका अभिवादन किया और धर्मात्माओं में श्रेष्ठ युधिष्ठिर के चारों ओर परिक्रमा की॥15॥ | mahabharat अध्याय 3.23: पाण्डवोंका द्वैतवनमें जानेके लिये उद्यत होना और प्रजावर्गकी व्याकुलता । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! अर्जुन के ऐसा कहने पर ब्राह्मण तथा अन्य सभी जातियों के लोगों ने प्रसन्नतापूर्वक एक स्वर से उनका अभिवादन किया और धर्मात्माओं में श्रेष्ठ युधिष्ठिर के चारों ओर परिक्रमा की॥15॥
Rajan! When Arjuna said this, the Brahmins and people of all other castes happily greeted him with one voice and circled around Yudhishthira, the best among the religious souls. 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥