तब सत्पुरुषों में श्रेष्ठ कुमार स्कन्द ने अपनी सेना सहित इन्द्र को अभयदान दिया। इससे प्रसन्न होकर समस्त देवता बाजे बजाने लगे॥18॥
Then Kumar Skanda, the best among good men, along with his army, gave protection to Indra. Pleased with this, all the gods started playing musical instruments. 18॥
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि मार्कण्डेयसमास्यापर्वणि आङ्गिरसे इन्द्रस्कन्दसमागमे सप्तविंशत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २२७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत मार्कण्डेयसमास्यापर्वमें आंगिरसोपाख्यानके प्रसंगमें इन्द्र-स्कन्दसमागमविषयक दो सौ सत्ताईसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २२७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥