वज्रप्रहारात् स्कन्दस्य संजात: पुरुषोऽपर:।
युवा काञ्चनसंनाह: शक्तिधृग् दिव्यकुण्डल:॥ १६॥
अनुवाद
वज्र के प्रहार से स्कन्द के दाहिने पार्श्व से एक और वीर पुरुष प्रकट हुआ, जो युवा था। उसने स्वर्ण-कवच धारण किया हुआ था। उसके एक हाथ में भाला चमक रहा था और कानों में दिव्य कुण्डल चमक रहे थे।॥16॥
When the thunderbolt struck, another valiant man appeared from Skanda's right side, who was in his youth. He was wearing a golden armour. A spear was shining in one of his hands and divine earrings were glittering in his ears.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥