vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 224: इन्द्रका देवसेनाके साथ ब्रह्माजीके पास तथा ब्रह्मर्षियोंके आश्रमपर जाना, अग्निका मोह और वनगमन
»
श्लोक 6
श्लोक
3.224.6
कन्योवाच
अबलाहं महाबाहो पतिस्तु बलवान् मम।
वरदानात् पितुर्भावी सुरासुरनमस्कृत:॥ ६॥
अनुवाद
कन्या बोली- हे महाबाहु! मैं विवश हूँ। पिता के आशीर्वाद से मेरा भावी पति बलवान और देवताओं द्वारा पूजित होगा। 6॥
The girl said – Great arms! I am helpless. With my father's blessing, my future husband will be strong and worshiped by gods. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×