‘मैं उन्हें अकारण देख भी नहीं सकता, स्पर्श भी नहीं कर सकता। ऐसी स्थिति में यदि मैं गार्हपत्य अग्नि में प्रवेश करूँ, तो मुझे बार-बार उनके दर्शन का अवसर मिल सकता है।’॥35॥
‘I cannot see them or even touch them without reason. In such a condition, if I enter the Garhapatya fire, then I can get the opportunity to see them again and again.’॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥