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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 221: अग्निस्वरूप तप और भानु (मनु)-की संततिका वर्णन
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श्लोक 10
श्लोक
3.221.10
दुर्बलानां तु भूतानामसून् य: सम्प्रयच्छति।
तमग्निं बलदं प्राहु: प्रथमं भानुत: सुतम्॥ १०॥
अनुवाद
दुर्बल प्राणियों को जीवन और बल देने वाला 'बलद' नामक अग्नि कहा गया है। वह भानु का प्रथम पुत्र है॥10॥
The one who gives life and strength to weak creatures is said to be the fire named 'Balad'. He is the first son of Bhanu.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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