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mahabharat 3.220.12: इनके बाद पांचजन्य ने पांच देवतुल्य विनायकों को जन्म दिया- सुमित्रा, मित्रवान, मित्रज्ञ, मित्रवर्धन और मित्रधर्मा। 12॥   |   mahabharat अध्याय 3.220: पाञ्चजन्य अग्निकी उत्पत्ति तथा उसकी संततिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 220: पाञ्चजन्य अग्निकी उत्पत्ति तथा उसकी संततिका वर्णन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.220.12 
सुमित्रं मित्रवन्तं च मित्रज्ञं मित्रवर्धनम्।
मित्रधर्माणमित्येतान् देवानभ्यसृजत् तप:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इनके बाद पांचजन्य ने पांच देवतुल्य विनायकों को जन्म दिया- सुमित्रा, मित्रवान, मित्रज्ञ, मित्रवर्धन और मित्रधर्मा। 12॥
 
After these, Panchjanya gave birth to five god-like Vinayakas – Sumitra, Mitravan, Mitragya, Mitravardhan and Mitradharma. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)