जिन देवी अमा को देखकर लोग 'कुहु-कुहु' (आश्चर्य) करने लगते हैं, वे अंगिरा ऋषि की आठवीं पुत्री 'कुहु' नाम से प्रसिद्ध हैं। उनमें चन्द्रमा की कला का बहुत थोड़ा-सा अंश ही शेष रहता है। (यह शुद्ध अमावस्या है)॥8॥
The goddess Ama, on seeing whom people start making the sound 'kuhu-kuhu' (get surprised), that eighth daughter of sage Angira is famous by the name 'Kuhu'. In her only a very small part of the phase of the moon remains. (This is the pure Amavasya)॥ 8॥
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि मार्कण्डेयसमास्यापर्वणि अङ्गिरसोपाख्यानेअष्टादशाधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २१८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत मार्कण्डेयसमास्यापर्वमें अंगिरसोपाख्यानविषयक
दो सौ अठारहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २१८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥