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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 213: प्राणवायुकी स्थितिका वर्णन तथा परमात्म-साक्षात्कारके उपाय  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.213.9 
संधौ संधौ संनिविष्ट: सर्वेष्वपि तथानिल:।
शरीरेषु मनुष्याणां व्यान इत्युपदिश्यते॥ ९॥
 
 
अनुवाद
जब वही मानव शरीर के प्रत्येक जोड़ में व्याप्त हो जाता है, तो उसे व्यान कहते हैं।
 
When the same pervades each and every joint of the human body, then it is called Vyana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)