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mahabharat 3.213.30: क्रूरता (दया) का अभाव ही सबसे बड़ा गुण है, क्षमा ही सबसे बड़ा बल है, सत्य ही सबसे उत्तम व्रत है और परमात्मतत्त्व का ज्ञान ही सबसे उत्तम ज्ञान है ॥30॥   |   mahabharat अध्याय 3.213: प्राणवायुकी स्थितिका वर्णन तथा परमात्म-साक्षात्कारके उपाय   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.213.30 
आनृशंस्यं परो धर्म: क्षमा च परमं बलम्।
आत्मज्ञानं परं ज्ञानं सत्यं व्रतपरं व्रतम्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
क्रूरता (दया) का अभाव ही सबसे बड़ा गुण है, क्षमा ही सबसे बड़ा बल है, सत्य ही सबसे उत्तम व्रत है और परमात्मतत्त्व का ज्ञान ही सबसे उत्तम ज्ञान है ॥30॥
 
Absence of cruelty (kindness) is the greatest virtue, forgiveness is the greatest strength, truth is the best vow and the knowledge of the essence of God is the best knowledge. ॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)