Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.207.46-47: यह (दूसरों को कष्ट पहुँचाना) दुष्टों के समान दुर्गुणों में आसक्त पापी पुरुषों का काम है। जो लोग 'धर्म कुछ भी नहीं है' ऐसा मानकर शुद्ध आचरण और विचार वाले सज्जन पुरुषों का उपहास करते हैं, वे धर्म में श्रद्धा न रखने वाले मनुष्य अवश्य ही नष्ट हो जाते हैं। पापी पुरुष, लोहार की बड़ी धौंकनी के समान, बाहर से सदैव फूले हुए दिखाई देते हैं (पर वास्तव में वे निकम्मे होते हैं)।॥ 46-47॥   |   mahabharat अध्याय 3.207: कौशिकका धर्मव्याधके पास जाना, धर्मव्याधके द्वारा पतिव्रतासे प्रेषित जान लेनेपर कौशिकको आश्चर्य होना, धर्मव्याधके द्वारा वर्णधर्मका वर्णन, जनकराज्यकी प्रशंसा और शिष्टाचारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 207: कौशिकका धर्मव्याधके पास जाना, धर्मव्याधके द्वारा पतिव्रतासे प्रेषित जान लेनेपर कौशिकको आश्चर्य होना, धर्मव्याधके द्वारा वर्णधर्मका वर्णन, जनकराज्यकी प्रशंसा और शिष्टाचारका वर्णन  »  श्लोक 46-47
 
 
श्लोक  3.207.46-47 
कर्म चैतदसाधूनां वृजिनानामसाधुवत्।
न धर्मोऽस्तीति मन्वाना: शुचीनवहसन्ति ये॥ ४६॥
अश्रद्दधाना धर्मस्य ते नश्यन्ति न संशय:।
महादृतिरिवाध्मात: पापो भवति नित्यदा॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
यह (दूसरों को कष्ट पहुँचाना) दुष्टों के समान दुर्गुणों में आसक्त पापी पुरुषों का काम है। जो लोग 'धर्म कुछ भी नहीं है' ऐसा मानकर शुद्ध आचरण और विचार वाले सज्जन पुरुषों का उपहास करते हैं, वे धर्म में श्रद्धा न रखने वाले मनुष्य अवश्य ही नष्ट हो जाते हैं। पापी पुरुष, लोहार की बड़ी धौंकनी के समान, बाहर से सदैव फूले हुए दिखाई देते हैं (पर वास्तव में वे निकम्मे होते हैं)।॥ 46-47॥
 
This (harming others) is the work of sinful men who are addicted to vices like the wicked. Those who make fun of the noble men with pure conduct and thoughts, believing that 'Dharma is nothing', those people who have no faith in Dharma, are definitely destroyed. Sinful men, like the blacksmith's big bellows, always appear puffed up from the outside (but in reality are worthless).॥ 46-47॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)